जब पत्नी ने गिरवी रख दिए गहने और दादासाहेब फाल्के ने दांव पर लगा दी जिंदगी, ऐसे रखी गई भारतीय सिनेमा की नींव
मुंबई, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा आज दुनिया के सबसे बड़े फिल्म उद्योगों में गिना जाता है। हर साल हजारों फिल्में बनती हैं और करोड़ों लोग इन्हें देखते हैं। एक समय ऐसा भी था, जब भारत में फिल्मों का कोई नामोनिशान नहीं था। उस दौर में एक इंसान ने सपना देखा कि भारत की अपनी फिल्में होंगी, अपनी कहानियां होंगी और अपने कलाकार होंगे। उस शख्स का नाम था धुंडीराज गोविंद फाल्के, जिन्हें दुनिया दादासाहेब फाल्के के नाम से जानती है।