जयंती विशेष: 'उल्टे चश्मे' से दुनिया देखने वाले तारक मेहता, जिनकी रचनाएं गुदगुदाती हैं
मुंबई, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। गुजराती साहित्य के प्रसिद्ध हास्यकार, कॉलमनिस्ट और नाटककार और एक ऐसे साहित्यकार, जो दुनिया को सीधे नहीं बल्कि उल्टे चश्मे से देखते थे। जी हां, बात हो रही है तारक जनुभाई मेहता की, जिनकी रचनाएं पाठकों, दर्शकों को आज भी खिलखिलाकर हंसने पर मजबूर करती हैं।