जब खलनायक बन गए दर्शकों के चहेते : विलेन और कॉमेडी का संगम हैं शक्ति कपूर और गोविंद नामदेव

IANS | September 2, 2025 8:17 PM

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। खलनायक की भूमिका हो या कॉमेडी के जरिए लोगों के दिलों को जीतना, हिंदी सिनेमा में ऐसा एक साथ बहुत कम ही देखने को मिलता है। भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार शक्ति कपूर और गोविंद नामदेव इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। इन दो अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाली शख्सियतों में ये दुर्लभ और खास कला दिखाई देती है।

'क्या हिंदुओं के दर्द की बात करना गुनाह है?', विवेक अग्निहोत्री का ममता बनर्जी से सवाल

IANS | September 2, 2025 11:40 AM

मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। बॉलीवुड के चर्चित फिल्ममेकर और नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री अपनी नई फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म को लेकर राजनीति गर्मा गई है। 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और उसके बाद हुए नोआखाली नरसंहार की सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही फिल्म का विरोध हो रहा है और बैन की मांग उठने लगी है।

जयंती विशेष: कैफे में मिला अवसर, फिर मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया का चमकता सितारा बनीं पद्मलक्ष्मी

IANS | August 31, 2025 4:08 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन जब किस्मत साथ दे तो जीवन बदल सकता है। पद्मलक्ष्मी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो साधारण परिवार से निकल कर ग्लैमर की ऊंचाइयों तक पहुंची। उनका सफर कई मायनों में प्रेरणादायक है। एक छोटे से कैफे ने उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल दी। एक ऐसा मौका मिला जिसने उन्हें मॉडलिंग की दुनिया में पहला बड़ा कदम उठाने का अवसर दिया।

जब राजकुमार राव को मां के देहांत से अगले ही दिन काम पर जाना पड़ा, मेहनत से बनाई बॉलीवुड में जगह

IANS | August 30, 2025 5:21 PM

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता राजकुमार राव हिंदी सिनेमा के उन सितारों में से एक हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर बॉलीवुड में एक खास मुकाम हासिल किया। उनकी कहानी मेहनत, लगन और प्रतिभा का एक शानदार उदाहरण है। एक साधारण परिवार से निकलकर बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार होने तक उनकी यात्रा प्रेरणादायक है।

रितुपर्णो घोष: पर्दे पर 'समलैंगिकता को दर्शाने वाले जादूगर', नहीं कर पाए पूरे अपनी जिंदगी के पचास साल

IANS | August 30, 2025 2:48 PM

मुंबई, 30 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा की दुनिया में कुछ सितारे ऐसे हैं, जो अपनी कला के साथ-साथ अपने विचारों और जज्बातों के लिए याद रखे जाते हैं। रितुपर्णो घोष उन खास नामों में से एक थे, जिन्होंने न केवल बेहतरीन फिल्में बनाईं, बल्कि अपनी व्यक्तिगत पहचान को लेकर भी समाज के बंधनों को तोड़ा। वे भारतीय सिनेमा के पहले कलाकार थे, जिन्होंने अपनी समलैंगिक पहचान को पूरी हिम्मत और बेबाकी से स्वीकार किया और एलजीबीटीक्यू समुदाय के अधिकारों के लिए खुलकर आवाज उठाई। उस दौर में, जब समलैंगिकता पर बात करना टैबू था, रितुपर्णो ने निडर होकर अपने सच को अपनाया और समाज को एक नई सोच दी।

बर्थडे स्पेशल : शादियों में गाने वाले 'गुरु' की 'पटोला' ने बनाई किस्मत, ऐसे बनें 'जेन-जी' के फेवरेट

IANS | August 29, 2025 9:13 PM

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। 'कत्ल', 'अजुल', 'सिर्रा', 'लाहौर' और 'हाई रेटेड गबरू' जैसे गाने आजकल जनरेशन 'जी' की प्लेलिस्ट में धूम मचा रहे हैं। इन गानों को मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा ने आवाज दी है, जिन्होंने अपनी जादुई आवाज और अनूठे अंदाज से पंजाबी और बॉलीवुड संगीत की दुनिया में एक खास मुकाम हासिल किया है। उनके गाने न सिर्फ युवाओं के दिलों पर राज करते हैं, बल्कि उनकी हर बीट पर थिरकने को मजबूर भी करते हैं।

जब एक फिल्म की नाकामी के दर्द को शैलेंद्र ने 'जीना यहां, मरना यहां' गाने में उतार दिया

IANS | August 29, 2025 8:30 PM

मुंबई, 29 अगस्त (आईएएनएस)। शैलेंद्र हिंदी सिनेमा के स्वर्ण युग के सबसे प्रसिद्ध गीतकारों में से एक थे। उनका जन्म 30 अगस्त 1923 को रावलपिंडी (अब पाकिस्तान में) हुआ था। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले शैलेंद्र ने अपनी गहरी सोच, सरल मगर असरदार शब्दों और भावनाओं से भरे गीतों के जरिए फिल्मी दुनिया में अमिट छाप छोड़ी।

'परम सुंदरी' मूवी रिव्यू : प्यार, हंसी और दिल को छू लेने वाले पल- साल की बेहतरीन रोमांटिक कॉमेडी

IANS | August 29, 2025 2:11 PM

निर्देशक - तुषार जलोटा, कलाकार - सिद्धार्थ मल्होत्रा, जाह्नवी कपूर, रेंजी पणिक्कर, सिद्धार्थ शंकर, मनजोत सिंह, संजय कपूर, इनायत वर्मा, अवधि - 136 मिनट, रेटिंग - 4

सेना से बॉलीवुड तक : बिक्रमजीत कंवरपाल ने बचपन का सपना ऐसे किया पूरा

IANS | August 28, 2025 8:43 PM

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। फिल्मों से लगाव कहें या फिर एक्टिंग का जुनून, ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है कि जब कोई शख्स अपने बचपन के सपने को साकार कर पाता है। बिक्रमजीत कंवरपाल एक ऐसा नाम है, जिन्होंने भारतीय सेना से रिटायर होने के बाद अपने बचपन के सपने को साकार करने के लिए बॉलीवुड में कदम रखा।

सिनेमा के सशक्त सितारे : रहीम चाचा से शंभू काका तक, आखिरी समय तक की एक्टिंग

IANS | August 25, 2025 8:40 PM

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। जय-वीरू की जोड़ी हो या गब्बर सिंह या फिर ठाकुर या बसंती, 1975 में आई फिल्म 'शोले' का हर एक किरदार ऐसा था, जिसे आज भी भुलाया नहीं जा सका है। इस फिल्म में एक कैरेक्टर रहीम चाचा का भी था, जिनका डायलॉग 'इतना सन्नाटा क्यों है भाई' काफी फेमस रहा। इस किरदार को लेजेंडरी एक्टर ए.के. हंगल ने निभाया था।