'दिल ढूंढता है फिर वही...', हर गुजरते साल के साथ भूपिंदर सिंह की अमिट यादें
नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। हर गुजरते साल के साथ कुछ आवाजें और भी गहरी होती चली जाती हैं। सिनेमा जगत के ऐसे ही विलक्षण पार्श्वगायक और गजल गायक भूपिंदर सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना उस दौर को याद करने जैसा है जिसने सुर, शब्द और एहसास को जीना सिखाया। आत्मा तक उतर जाने वाली आवाज से उन्होंने फिल्म संगीत और गजलों की दुनिया में ऐसी अमिट छाप छोड़ी, जो आज भी श्रोताओं के दिलों में उसी ताजगी के साथ मौजूद है।