बाजार की पाठशाला: आईटीआर में गलती हो गई है? रिटर्न जमा करने के बाद भी कर सकते हैं सुधार, जानिए क्या कहता है नियम
नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरते समय छोटी-बड़ी गलतियां होना आम बात है। कई बार करदाता किसी बैंक खाते से मिले ब्याज को दिखाना भूल जाते हैं, गलत कटौती (डिडक्शन) क्लेम कर लेते हैं या फिर गलत आईटीआर फॉर्म का चयन कर बैठते हैं। हालांकि आयकर विभाग ऐसे मामलों में करदाताओं को राहत देता है। आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत करदाता अपनी पहले से दाखिल रिटर्न में सुधार कर सकते हैं। इसे रिवाइज्ड रिटर्न कहा जाता है, जो गलतियों को ठीक करने का कानूनी और आसान तरीका है।