दुमका, 19 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड के दुमका जिले में 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' के तहत चल रहे औषधि केंद्र से लोगों को सस्ते दामों पर दवाइयां मिल रही हैं। योजना का लाभ लेकर सस्ती दवा ले रहे लोगों ने पीएम मोदी का आभार जताया है।
गरीब-लाचार मरीजों को सस्ते दामों पर दवा उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार द्वारा 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' चलाई जा रही है। यह योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है। जन औषधि केंद्रों से लोग बाजारों की तुलना में आधी से कम कीमतों में दवा खरीद रहे हैं। खास बात यह है कि यह दवा कारगर भी साबित हो रही है, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ रहा है।
जन औषधि केंद्र से दवा खरीदने वाले अधिकतर लोगों का मानना है कि पीएम मोदी की यह योजना गरीबों के लिए बहुत लाभकारी है। इससे सिर्फ पैसे की बचत नहीं होती, बल्कि गुणवत्तापूर्ण दवाइयां भी मिल रही हैं। किसी भी तरह का कोई साइड इफैक्ट नहीं होता है। पहले आसमान छुती दवाओं के दाम होने से मरीजों को इलाज में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां खरीदना सभी के लिए मुमकिन नहीं था। दुमका में जन औषधि केंद्र खुलने से सस्ती दरों पर दवाइयां मिल रही हैं।
जन औषधि केंद्र से अपने बेटे के लिए दवा खरीदने आए राजेश ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि पहले निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने में काफी पैसा खर्च होता था, लेकिन अब जन औषधि केंद्र से दवा 50 प्रतिशत से भी कम दाम में मिल रही है।
उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि दवाइयां कारगर भी साबित हो रही हैं। गरीब लोगों के लिए पीएम मोदी की यह योजना काफी अच्छी है, पहले लोग पैसों की तंगी के कारण दवा नहीं खरीद पाते थे, लेकिन अब आसानी से दवा खरीद पाते हैं।
विश्वजीत ने बताया कि बाजार की तुलना में यहां पर सस्ते दरों पर दवाई मिल रही है। निजी मेडिकल स्टोरों पर पहले दवा खरीदने के लिए काफी पैसा लगता था, लेकिन अब कम दाम में दवाइयां मिल रही हैं। पीएम मोदी की यह योजना काफी अच्छी है। गरीबों का भला हो रहा है।
जन औषधि केंद्र का संचालन कर रहीं शर्मिला कुमारी ने बताया कि इस योजना से काफी लोगों को लाभ हो रहा है। मेरा मानना है कि यह योजना सफल रही है। बाजारों में मिलने वाली हजारों रुपए की दवाइयां यहां 200 रुपए में मिल जाती है। उन्होंने बताया कि रोजाना काफी संख्या में लोग दवा खरीदने के लिए आते हैं और जैसे-जैसे लोगों को जानकारी मिल रही है, वे पहुंच रहे हैं।
--आईएएनएस
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