जब दूसरी भाषाओं से शब्द उधार लेती रही है हिंदी, तो आखिर क्या है 'शुद्ध हिंदी'?
नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। पहले 'शुद्ध' और 'सही' हिंदी की चाबी कुछ गिने-चुने संपादकों, आचार्यों और पाठ्यपुस्तक निर्माताओं के हाथ में थी। भाषा ऊपर से नीचे तय होती थी। आज नए शब्द और नई शब्दावली लोग सोशल मीडिया पर खुद गढ़ रहे हैं।