साहिब सिंह वर्मा : जब प्याज के दाम और एक बयान ने छीन ली थी दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी
नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। 12 अक्टूबर 1998 को दिल्ली के लोगों की भीड़ मुख्यमंत्री आवास के बाहर खड़ी थी और भारी आक्रोश था। 50 दिन बाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने थे। उस दौर में महंगी प्याज हर किसी के आंसू निकाल रही थी। विपक्ष में बैठी कांग्रेस को बिना मेहनत किए ही एक हथियार मिल चुका था। सड़क पर प्रदर्शन हो रहे थे और नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री एक सरकारी बस में सवार होकर अपने घर की ओर रवाना हो गए और इसी के साथ उनका मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया। ये कहानी है दिल्ली के चौथे मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की।