तात्या टोपे : गोरिल्ला युद्ध और कुशल रणनीति से अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाले प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महानायक
नई दिल्ली, 17 अप्रैल (आईएएनएस)। वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महान नायक तात्या टोपे (रामचंद्र पांडुरंग टोपे) को 18 अप्रैल, 1859 को ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी दे दी थी। मात्र 45 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले तात्या टोपे ने अपनी कुशल सैन्य रणनीति और अदम्य साहस से अंग्रेजी सेना को कई बार घुटने टेकने पर मजबूर किया था।