नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री की कुर्सी, 30 मार्च को देंगे एमएलसी पद से इस्तीफा

नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री की कुर्सी, 30 मार्च को देंगे एमएलसी पद से इस्तीफा

पटना, 28 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 अप्रैल को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 13 अप्रैल के बाद वे कभी भी मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद छोड़ सकते हैं मुख्यमंत्री की कुर्सी, 30 मार्च को देंगे एमएलसी पद से इस्तीफा

March 28, 2026 1:49 PM

पटना, 28 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 30 अप्रैल को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं, जबकि 13 अप्रैल के बाद वे कभी भी मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

6 रुपये की दिहाड़ी से लेकर 'सूरमा भोपाली' बनने का सफर: भावुक सीन की वजह से मिला था पहला कॉमेडी किरदार

March 28, 2026 12:36 PM

मुंबई, 28 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में हर किसी का अपना दौर रहा है, लेकिन जब हास्य और चरित्र अभिनय के स्वर्णिम युग की बात आती है, तो 'सूरमा भोपाली' के नाम से मशहूर अभिनेता जगदीप का जिक्र प्रमुखता से किया जाता है।

केकेआर-एमआई के बीच खेले गए 35 आईपीएल मैच, जानिए भारी रहा है किस टीम का पलड़ा?

March 28, 2026 1:30 PM

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (एमआई) रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ मैच के साथ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। दोनों टीमों के बीच अब तक 35 मैच खेले गए हैं, जिसमें मुंबई इंडियंस का पलड़ा भारी रहा है। मुंबई इंडियंस ने इस टीम के विरुद्ध 24 मुकाबले अपने नाम किए, जबकि केकेआर सिर्फ 11 ही मैच जीत सकी है।

March 27, 2026 9:20 PM

गुजरात में शुरू हुई चना और रायड़ा (सरसों) की एमएसपी पर खरीद, हजारों किसानों ने कराया पंजीकरण

गुजरात की अनाज मंडियों में इन दिनों रौनक छाई हुई है। दरअसल, बड़ी संख्या में चना और रायड़ा यानी सरसों उत्पादक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में पहुंच रहे हैं। इस बार गुजरात सरकार ने किसानों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी कवच उपलब्ध कराने के मकसद से चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद के लिए ट्रांसपेरेंट व्यवस्था लागू की है। इसके तहत, पूरे राज्य में चना की खरीद के लिए 165 और सरसों की खरीद के लिए 60 केंद्र बनाए गए हैं। जामनगर के APMC हापा यार्ड में भी किसान अपनी उपज बेचने पहुंच रहे हैं। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए चने का एमएसपी 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। गुजरात में चने के लिए 2 लाख 59 हजार और सरसों के लिए 37,000 से ज्यादा किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं जामनगर जिले में चने के लिए लगभग 34,800 किसानों, जबकि सरसों के लिए करीब 2,760 किसानों ने पंजीकरण कराया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद के दौरान किसी गड़बड़ी को रोकने के लिए पहली बार ‘आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक’ और ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ प्रोसेस लागू किया है। जाहिर है कि इससे बिचौलिए खत्म होंगे और असली किसानों को ही एमएसपी का लाभ होगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने खरीद केंद्रों पर भीड़ को रोकने और किसानों की सहूलियत के लिए उन्हें पहले से तय समय पर एसएमएस के जरिए बुलाने का भी इंतजाम किया है। #MSP #GujaratFarmers #ChanaMSP #SarsonMSP #FarmerSupport #KisanSamman #GujaratNews #AgricultureIndia #FarmersBenefit #MSPIndia #KisanNews #GovtScheme #FarmingLife #RuralIndia #AgriNews