होली के बाद काशी में सजी ‘बुढ़वा मंगल’ की महफिल, देश-विदेश से पहुंचे सैलानी
वाराणसी, 10 मार्च (आईएएनएस)। होली की रंग-बिरंगी खुमारी जब पूरे देश में थम जाती है, तब शिवनगरी काशी में एक और उत्सव ‘बुढ़वा मंगल’ शुरू होता है। होली के ठीक बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को मनाया जाने वाला यह त्योहार बनारस की सदियों पुरानी परंपरा है। यह सिर्फ होली का समापन नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द, संगीत और बुजुर्गों के सम्मान का अनोखा जश्न है, जिसमें गंगा के घाट रंग, गीत और खुशियों से सराबोर हो उठते हैं।