अपान से नाग-धनंजय तक, जानें शरीर की 10 वायु का महत्व और विज्ञान
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद और योग के अनुसार, मानव शरीर में 10 प्रकार की वायु (प्राण) प्रवाहित होती है। ये प्राण जीवन ऊर्जा के रूप में काम करते हैं और सभी शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। आयुर्वेद में इन प्राणों को वायु तत्व का हिस्सा माना जाता है। इन्हें दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है, जिनमें मुख्य प्राण और उप प्राण शामिल है।