नटराज रामकृष्ण: जिन्होंने आंध्र नाट्यम और पेरिनी शिवतांडवम को दिया नया जीवन, मराठा शासक ने दी 'नटराज' की उपाधि
नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। नागपुर के भव्य राजदरबार में कला समीक्षक, प्रबुद्ध विद्वान और कुलीन वर्ग के लोग मंच पर थिरकते एक 18 वर्षीय लड़के को देख रहे थे। उस लड़के के पैरों की थाप और भाव-भंगिमाओं में एक ऐसी जादुई कशिश थी, जिसने वहां उपस्थित हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अद्वितीय प्रस्तुति से भावविभोर होकर मराठा शासक ने उस युवा को 'नटराज' की उपाधि दी, जो आगे चलकर उसकी पहचान बन गई। यही नटराज रामकृष्ण थे, जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय नृत्य के इतिहास की दिशा बदल दी।