पितृपक्ष में नई शुरुआत से करें परहेज : नए कपड़े और चीजें खरीदें या नहीं, जानिए क्या है मान्यता?
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पितृपक्ष का बहुत महत्व है, जो इस वर्ष 26 सितंबर से पूर्णिमा श्राद्ध के साथ शुरू होगी और 10 अक्टूबर तक चलेगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष के 16 दिन वह अवधि है, जब पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं। इसे 'सोलह श्राद्ध' या 'महालय पक्ष' भी कहते हैं।