विश्व आदिवासी दिवस : धरती, जंगल और परंपराओं के रखवाले… जानें 'प्रकृति के प्रहरियों' की कहानी
नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति के बेहद करीब रहकर अपनी जिंदगी जीता आया है। जंगल, पहाड़, नदियां और जमीन उनके लिए सिर्फ संसाधन नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का हिस्सा हैं। विश्व आदिवासी दिवस भी इसी बात पर जोर देता है कि दुनिया की विविधता सिर्फ बड़े शहरों और आधुनिक जीवनशैली से नहीं बनती। जंगलों, पहाड़ों और गांवों में सदियों से अपनी संस्कृति को संजोकर रखने वाले समुदाय भी इस विविधता का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।