22 मई का पंचांग: ज्येष्ठ शुक्ल की षष्ठी तिथि पर अभिजीत के साथ विजय मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग के पांचों अंगों का विशेष महत्व है। इन पांच अंगों में तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार आते हैं, इन्हीं के आधार पर ही दिन की शुरुआत, शुभ-अशुभ समय और नए या शुभ कार्यों को करने के समय का निर्धारण किया जाता है। पंचांग केवल समय-सारणी नहीं, बल्कि जीवन को प्रकृति और ग्रहों के अनुकूल चलाने का प्राचीन वैज्ञानिक माध्यम भी है। 22 मई 2026 का पंचांग देखें तो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है।