आरएसएस में जाति या रुतबा नहीं, मेहनत से आगे बढ़ने का मौका: इजरायली शोधकर्ता येशाया रोसेनमैन
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। इजरायली शोधकर्ता येशाया रोसेनमैन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ अपने अनुभव को सकारात्मक बताते हुए संगठन में मेहनत, समर्पण और सामाजिक कार्यों की सराहना की है। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने आरएसएस को अपने नजरिए से समझाया। उनके मुताबिक आगे बढ़ने का आधार किसी विशेष जाति या आर्थिक संपन्नता के बजाय मेहनत होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका प्रमुख उदाहरण बताया।