एक न्योता, कई शर्तें और फिर सैनिक का वेश, जब चीनी फौज से छुपते छुपाते तिब्बत छोड़कर भारत पहुंचे दलाई लामा
नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। मार्च 1959 में चीन की फौज दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो का पीछा कर रही थी और वे किसी भी वक्त उन्हें अपने कब्जे में कर सकती थी। दलाई लामा अपने कुछ साथियों के साथ भारत-चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के तवांग पहुंचे। सीमा पर मौजूद भारतीय फौज और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें तुरंत सुरक्षा दी। इसके बाद उन्हें अरुणाचल प्रदेश से असम लेकर आ गए। भारत में पहुंचने के कुछ हफ्ते बाद दलाई लामा की मुलाकात तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से हुई। तब आधिकारिक तौर पर इस बात का ऐलान किया गया कि भारत ने दलाई लामा को शरण दी है।