वित्तीय समावेशन में भारत की बड़ी उपलब्धि, सूचकांक 2018 में 53.9 से बढ़कर 2026 में 67 पर पहुंचा
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के प्रयासों का असर लगातार दिखाई दे रहा है। एक आधिकारिक फैक्टशीट में गुरुवार को कहा गया कि देश का वित्तीय समावेशन सूचकांक वर्ष 2018 के 53.9 के स्तर से बढ़कर वर्ष 2026 में 67 पर पहुंच गया है, जो यह दर्शाती है कि देश में ऋण, बीमा, बचत और डिजिटल भुगतान जैसी औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।