हरदीप सिंह पुरी का वह गुप्त मिशन, जिसने भारत-श्रीलंका के रिश्तों को नई दिशा दी
नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। 1980 के दशक में जो व्यक्ति एक राष्ट्राध्यक्ष और एक पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या और श्रीलंका के एक और राष्ट्रपति की हत्या के प्रयासों का जिम्मेदार ठहराया जा चुका था, उस व्यक्ति से जंगल में मुलाकात करना मौत से मुलाकात करने जैसा था, क्योंकि उनके कारनामों से ही साफ था कि वह निहायत ही खतरनाक व्यक्ति था। सिर्फ मुलाकात करना नहीं, बल्कि दो मुल्कों के बीच एक अहम समझौते को उसी मुलाकात के जरिए उसके अंजाम तक पहुंचाना था। यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी उस समय के भारतीय विदेश सेवा में वरिष्ठ अधिकारी रहे हरदीप सिंह पुरी को, जिन्होंने अपनी हिम्मत से वह कर दिखाया, जिससे श्रीलंका और भारत के रिश्तों को एक नई मजबूती मिली थी।