पोरबंदर की अशिक्षित बालिका से राष्ट्र की 'बा' तक का सफर, अंग्रेजी हुकूमत के लिए गांधीजी जितना ही 'बड़ा खतरा' थीं कस्तूरबा
नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। इतिहास के पन्नों में कस्तूरबा गांधी को अक्सर महात्मा गांधी की 'परछाईं' मात्र मान लिया जाता है, लेकिन गहराई में उतरें तो सच यह है कि वह एक स्वतंत्र, निडर और बेहद मजबूत इरादों वाली जननेता थीं। 19वीं सदी के अंत में पोरबंदर की एक अशिक्षित बालिका से पूरे राष्ट्र की 'बा' बनने का सफर अद्भुत और प्रेरणादायक है।