चैत्र नवरात्र: पालकी पर आगमन और हाथी पर प्रस्थान, जानें भविष्य के लिए क्या हैं संकेत
नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। देशभर में प्रतिवर्ष दो बार आदिशक्ति मां भवानी के नौ रूपों की विशेष उपासना की जाती है। आध्यात्मिक दृष्टि से चैत्र और शारदीय नवरात्र, दोनों का ही अत्यधिक महत्व है। इस वर्ष 19 मार्च से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ हो चुका है और श्रद्धापूर्वक देवी के विभिन्न स्वरूपों का पूजन किया जा रहा है। नवरात्रि न केवल हिंदू नव-वर्ष के आगमन का प्रतीक है, बल्कि माता रानी के आगमन की सवारी और विशिष्ट 'वार' (दिन) के अनुसार भविष्य के शुभाशुभ संकेतों का आधार भी है।