संशोधित जीडीपी फ्रेमवर्क से भारत के राष्ट्रीय खातों की विश्वसनीयता बढ़ेगी : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। भारत द्वारा आधार वर्ष को नियमित अंतराल पर बदलना, वैश्विक अर्थव्यवस्था में आने वाले झटकों से निपटने के लिए डेटा-आधारित नीतिगत हस्तक्षेप के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और ग्लोबल वैल्यू चेन में देश के तेजी से बढ़ते एकीकरण को दर्शाता है। यह जानकारी अर्थशास्त्रियों की ओर से शुक्रवार को दी गई।