'चित्रलेखा' से बॉम्बे टॉकीज तक, यूसुफ खान को दिलीप कुमार नाम देने वाले भगवती चरण वर्मा की कहानी
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। "सब कहते ही रह गए, अरे तुम कैसे आए, कहां चले। मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहां चले।" एक ऐसी शख्सियत, जिनकी जिंदगी में ऐसे कई मोड़ थे, जब साहित्य, समाज और सिनेमा की गलियों से गुजरते नजर आए। बात हो रही है कि हिंदी के प्रख्यात उपन्यासकार, कथाकार, फिल्म पटकथा संवाद लेखक और एक जमाने के चर्चित कवि भगवती चरण वर्मा की।