बैड-बॉय की इमेज तोड़ने में इमरान हाशमी को तय करना पड़ा लंबा सफर, आज नेगेटिव किरदारों से जीत रहे दिल
मुंबई, 23 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में किसी भी अभिनेता या अभिनेत्री के लिए सबसे बुरा होता है टाइपकास्ट होना। भले ही एक रोल में किसी भी अभिनेता को कितनी भी सफलता मिली हो, उसे अलग किरदार निभाने की भी इच्छा होती है।