शिवनगरी काशी में विराजते हैं 'बटुक भैरव', प्रसाद में चढ़ता है टॉफी- बिस्किट और खिलौने, दर्शन से दूर होते संतान के कष्ट
वाराणसी, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मान्यता है कि देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के कण-कण में उनका वास है। बाबा विश्वनाथ की नगरी में स्थित छोटे-बड़े हर एक मंदिर की अपनी एक अद्भुत कथा और मान्यता है, जो भक्तों के विश्वास और भक्ति को और भी मजबूत करता है। ऐसा ही एक मंदिर वाराणसी की तंग गलियों में हैं, जहां भैरव बाबा बाल या बटुक रूप में विराजते और दर्शन मात्र से संतान संबंधी समस्याओं के साथ ही अन्य कष्टों को भी दूर करते हैं।