वीरेन डंगवाल पुण्यतिथि: ऐसे कवि जिन्होंने अपनी रचना में जीवन की साधारण चीजों को दिया खास अर्थ
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। ‘कहीं नहीं था वह शहर, जहां मैं रहा कई बरस’, यह पंक्ति हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि वीरेन डंगवाल की संवेदनशील रचनात्मक दुनिया की झलक देती है। अपनी जनवादी और मानवीय दृष्टि वाली कविताओं के माध्यम से उन्होंने आम इंसान की जिंदगी, उसके संघर्ष, सपनों और उम्मीदों को बेहद सहजता से अभिव्यक्त किया। 28 सितंबर को उनकी पुण्यतिथि है। वीरेन डंगवाल की कविता केवल पढ़ने की चीज नहीं, बल्कि उसे ठहरकर महसूस करने का अनुभव है।