विश्व कठपुतली दिवस : लकड़ी और रंग-बिरंगे कपड़ों से मनोरंजन, भारतीय संस्कृति का भी प्रतिबिंब
नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय में मोबाइल, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन गेम्स ने मनोरंजन के नए द्वार खोल दिए हैं, मगर एक समय था, जब इन सबके बिना भी लोग हंसते-खेलते थे। वह साधन थी रंग-बिरंगी छोटी-छोटी कठपुतलियां। लकड़ी से तराशी गई, रंग-बिरंगे जरीदार कपड़ों से सजी कठपुतलियां मंच पर जीवंत हो उठती थीं। कलाकार धागों या छड़ों से इन्हें नचाते, लोककथाएं, प्रेम प्रसंग और व्यंग्यपूर्ण कहानियां सुनाते। ये न सिर्फ मनोरंजन करती हैं, बल्कि नैतिक मूल्य, हास्य और सामाजिक संदेश भी देती थीं।