वर्दी के पीछे छिपा एक दयालु हृदय: जब गुजरात पुलिस ने जेल में बंद महिला के संरक्षक के रूप में कदम बढ़ाया
गांधीनगर, 30 मई (आईएएनएस)। जब प्रशासन सच्ची मानवीय करुणा का प्रदर्शन करता है, तो कठोरतम हृदय भी भावुक हो जाते हैं। ऐसी ही एक घटना नाडियाड जिला जेल में घटी। आरोपी के रूप में जेल में बंद एक प्रवासी मजदूर परिवार की महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसके परिवार का कोई भी सदस्य उसे घर ले जाने नहीं आया। उस नाजुक घड़ी में गुजरात पुलिस ने उसके संरक्षक के रूप में आगे बढ़कर खाकी वर्दी के नीचे छिपी करुणा का परिचय दिया। अपने आधिकारिक कर्तव्य से परे जाकर और परिवार की भूमिका निभाते हुए पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश स्थित उसके घर तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचाया।