राजस्थान: पितृपक्ष में पुष्कर के 52 घाटों पर उमड़ते हैं श्रद्धालु, जानें श्राद्ध और पिंडदान का महत्व
पुष्कर, 26 सितंबर (आईएएनएस)। ब्रह्माजी की नगरी और तीर्थ गुरु के रूप में प्रसिद्ध पुष्कर में पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पुष्कर सरोवर के 52 घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचते हैं। मान्यताओं के अनुसार, पुष्कर तीर्थ में पितरों के लिए किए गए श्राद्ध और पिंडदान से उन्हें तृप्ति, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।