पितृ पक्ष विशेष: परशुराम कुंड से लेकर प्रिंसेप घाट तक, जहां पितरों को मिलता है मोक्ष का द्वार
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इन 16 दिनों में परिवार के सदस्य अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान किया गया दान और तर्पण सीधे पितरों तक पहुंचता है और उन्हें मोक्ष प्रदान करता है। देशभर में इसके लिए कई पवित्र स्थल हैं, लेकिन इनमें दो स्थानों का महत्व सबसे अलग है-अरुणाचल प्रदेश का परशुराम कुंड और कोलकाता का प्रिंसेप घाट।