विश्व महासागर दिवस विशेष: अथाह गहराइयों का मौन संकट, जहां नीली धरती की सांसें हो रहीं भारी
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। सागर प्रकृति का वह अद्भुत शिक्षक है, जो गंभीरता, सामर्थ्य, मर्यादा और स्थिरता का पाठ पढ़ाता है। अपार शक्ति होते हुए भी वह अपनी सीमाएं नहीं लांघता। उसकी गहराई जितनी अधिक होती है, उसका स्वभाव उतना ही शांत दिखाई देता है, लेकिन आज इसी महासागर को समर्थन की जरूरत है।