त्र्यंबकेश्वर : कुशावर्त कुंड में स्नान से मिलती है पितृ दोष से मुक्ति, दुनिया में सिर्फ यहीं होता है नारायण नागबलि अनुष्ठान
नासिक, 24 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के नासिक से 28 किलोमीटर की दूरी पर सह्याद्रि पर्वतमाला और ब्रह्मगिरी की तलहटी में स्थित त्र्यंबकेश्वर केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं बल्कि यह पीढ़ियों के मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक उपचार का एक जीवंत केंद्र है।