डाकुओं से नहीं, वन्यजीवों और सुंदरता से भरा है चंबल के बीहड़, नीली और साफ नदी देती है सुकून
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। चंबल का नाम सुनते ही मन में पहली छवि डाकुओं की आती है। चंबल की धरती पर आधारित कई फिल्में बन चुकी हैं, जिसमें डाकू और अपहरण के अलावा कुछ नहीं होता है, लेकिन असल में सच्चाई काफी अलग है।