सद्भावना दिवस : न चाहते हुए भी राजनीति में आए थे राजीव गांधी, नीति निर्माण में किए अहम बदलाव
नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। "भारत एक प्राचीन देश, लेकिन एक युवा राष्ट्र है। मैं जवान हूं। मेरा भी एक सपना है। मेरा सपना है भारत को मजबूत, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर, दुनिया के सभी देशों में से प्रथम रैंक में लाना और मानव जाति की सेवा करना।" ये देश के उस सबसे युवा प्रधानमंत्री के शब्द थे, जिनकी भूमिका भारत को आधुनिक, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बनाने में विशेष रही। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को विश्व में वर्तमान स्थान दिलाया और इसीलिए उन्हें भारत में 'सूचना प्रौद्योगिकी का जनक' कहा जाने लगा था। यह कहानी है 40 वर्ष की उम्र में प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी की, जिनकी जयंती को हर साल 'सद्भावना दिवस' के रूप में मनाया जाता है।