धनपत राय से कथा सम्राट प्रेमचंद बनने का सफर, जिनकी लेखनी आज भी समाज का आईना
नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदी और उर्दू साहित्य का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, उसमें मुंशी प्रेमचंद का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्हें केवल एक उपन्यासकार या कहानीकार कहना उनके साहित्यिक व्यक्तित्व को सीमित करना होगा। प्रेमचंद ने अपनी लेखनी के माध्यम से भारतीय समाज के उस यथार्थ को शब्द दिए, जिसे उस दौर में बहुत कम लेखक इतनी संवेदनशीलता और निर्भीकता के साथ प्रस्तुत कर पाए।