यादों में नय्यर : 'बाबूजी धीरे चलना', 'चल अकेला' से लेकर 'सितारों के सफर' पर ले जाने वाले संगीतकार
नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में कई नाम आए और चले गए, लेकिन कुछ नाम ऐसे हैं जो वक्त की धूल से कभी धुंधले नहीं पड़े। ऐसा ही एक नाम है ओ. पी. नय्यर। रिदम किंग, ताल के बादशाह और बिना सितार के संगीत रचने वाले इस जादूगर ने अपने सुरों से श्रोताओं को कभी महफिलों में झुमाया, तो कभी तन्हाई में हौसला दिया। उनका संगीत सिर्फ सुनने के लिए नहीं था, उसे महसूस किया जाता था।