भारत और आसियान मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बन सकते हैं प्रमुख उत्पादन केंद्र
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीन+1 रणनीति के बीच वैश्विक उद्योग का बदलता परिदृश्य भारत और आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन) के लिए बड़े अवसर प्रस्तुत कर रहा है। दोनों पक्ष निवेश आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा को साझा उत्पादन रणनीति में बदल सकते हैं। इससे न केवल वे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए चीन के विकल्प के रूप में उभरेंगे, बल्कि इंडो-पैसिफिक अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण विनिर्माण केंद्रों में से एक भी बन सकते हैं। यह जानकारी एक लेख में दी गई।