कलंक नहीं जागरुकता का विषय है मानसिक स्वास्थ्य, जानें इससे जुड़े सात मिथक और सच
नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। मानसिक स्वास्थ्य आज भी हमारे समाज में सबसे ज्यादा कलंकित विषयों में से एक है। जानकारी के अभाव में लोग इसे कमजोरी समझते हैं या फिर आमतौर पर नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों को तोड़ना बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ कलंक कम होगा बल्कि जरूरत पड़ने पर लोग बिना झिझक मदद भी ले सकेंगे।