विश्वकवि टैगोर : उपलब्धियों से परे एक जीवंत विचार, जिनकी प्रासंगिकता आज भी बरकरार
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनका जीवन केवल उपलब्धियों का इतिहास नहीं होता, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जीवंत विचार बन जाता है। रवींद्रनाथ टैगोर ऐसे ही महापुरुष थे, जिन्होंने साहित्य, शिक्षा, समाज सुधार और मानवीय मूल्यों को एक साथ जोड़कर एक ऐसी दृष्टि दी, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।