हरिवंश राय बच्चन: जिस कवि ने शराब चखी नहीं, नशा शब्दों का था, जब ‘मधुशाला’ पर उठा सवाल और गांधी बने साक्षी
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। "मैं एक जगत को भूला, मैं भूला एक जमाना, कितने घटना-चक्रों में भूला मैं आना-जाना।" हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के सुप्रसिद्ध कवि-लेखक और अनुवादकों में से एक हैं। उनकी कविताएं कमाल की होती हैं और रचनाएं आम-जनमानस को सहज रूप से प्रदर्शित करती हैं। इन कविताओं में भावुकता के साथ रस और आनंद का मिश्रण होता है।