यादों में विलायत खां : ऐसे ही नहीं मिली 'आफताब-ए-सितार' की उपाधि, रियाज में उंगलियों से निकलने लगता था खून
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। 28 अगस्त… सिर्फ कैलेंडर में दर्ज एक तारीख नहीं है। इसी दिन 1928 में जन्म हुआ था एक ऐसे व्यक्ति का जिसके लिए सितार वादन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि साधना थी। नाम था उस्ताद विलायत खां। भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में उनका नाम आज भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है।