ममता शंकर : घुंघरुओं की गूंज और सुरों के बीच पली-बढ़ी, विरासत में मिली कला, आज नृत्य और सिनेमा के संगम की पहचान
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। एक ऐसी कलाकार, जिन्होंने कला की विरासत को न सिर्फ अपनाया बल्कि उसे आगे भी बढ़ाया। घुंघरुओं की गूंज और सुरों के बीच पली-बढ़ी, माता-पिता से नृत्य की बारीकियां सीखीं और आगे चलकर एक सफल नृत्यांगना के साथ-साथ फिल्म अभिनेत्री के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई। यह कहानी है बंगाली सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय और शास्त्रीय नृत्य के लिए जानी जाने वाली ममता शंकर की।