सत्व, रजस या तमस : कैसा भोजन करते हैं आप? जानें क्या कहती है सिद्ध चिकित्सा
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। पुरानी कहावत है, "जैसा अन्न, वैसा मन और वैसी ही सेहत।" यानी हम जो खाते हैं, उसका असर हमारे मन और शरीर दोनों पर पड़ता है। प्राचीन सिद्ध चिकित्सा प्रणाली में भी भोजन को इसी नजरिए से देखा जाता है। इस चिकित्सा पद्धति के अनुसार भोजन तीन प्रकार का होता है, जो हमारे तीन गुणों-सत्व (उत्तम और शुद्ध), रजस (सक्रिय और उत्तेजक) और तमस (निष्क्रिय और सुस्त) को प्रभावित करता है।