विश्व कठपुतली दिवस : कहीं 'गुलाबो सिताबो' तो कहीं 'तोलू बोम्मलतम', देश के हर हिस्से में कठपुतली की अलग खूबसूरती
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। दुनियाभर में प्राचीन लोक कला यानी कठपुतली की खूबसूरती और सांस्कृतिक महत्व का जश्न विश्व कठपुतली दिवस के रूप में हर साल 21 मार्च को मनाया जाता है। भारत में कठपुतली कला सदियों पुरानी परंपरा है, जो लकड़ी, चमड़े, कपड़े और रंगों से बनी छोटी-छोटी पुतलियों के माध्यम से कहानियां जीवंत करती है। यह कला सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों, लोककथाओं, महाकाव्यों और सामाजिक संदेशों का माध्यम रही है।