विश्व योग दिवस से पहले सहज योग को धरोहर घोषित करने और सशक्त कानूनी संरक्षण की उठी मांग
नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। विश्व योग दिवस से पहले सहज योग को मानवता की सर्वोच्च आध्यात्मिक धरोहर बताते हुए इसे वैश्विक स्तर पर संरक्षित करने और इसके लिए मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करने की मांग उठाई गई है। लेख में कहा गया है कि जहां दुनिया योग को मुख्य रूप से शारीरिक व्यायाम और तनाव मुक्ति के साधन के रूप में देखती है, वहीं अब समय आ गया है कि सहज योग को आधुनिक युग के "महायोग" के रूप में स्वीकार किया जाए।