'अब मैं नहीं याद करता तुम्हें...' प्रयाग शुक्ल की कविताएं बनी जिंदगी के कैनवास पर 'स्टिल लाइफ' की प्रतिनिधि
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। "बरस बीते मिले थे हम दूर देश में एक और देश में दूसरे, आज मैं नहीं याद करता तुम्हें जाने कहां हो तुम बरस बीते... अब मैं नहीं याद करता तुम्हें..." इस कविता के रचयिता कोई साधारण कवि नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य, कला समीक्षा और भाषाई सेतु के एक अत्यंत गरिमामय स्तंभ प्रयाग शुक्ल हैं।