दादाभाई नौरोजी, जिन्होंने राजनीति में कराया आंकड़ों का परिचय और ब्रिटिश लूट की खोली पोल
नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। 2 मई 1867 को ईस्ट इंडिया एसोसिएशन में जब दादाभाई नौरोजी मुख्य रूप से ब्रिटिश श्रोताओं के सामने 'इंग्लैंड के भारत के प्रति कर्तव्य' पेपर पढ़ रहे थे तो वे न सिर्फ राजनीति में आंकड़ों का परिचय करा रहे थे, बल्कि अंग्रेजी हुकूमत के लुटेरा बनकर भारत की संपत्ति को ब्रिटेन ले जाने का खुलासा भी कर रहे थे।