बिहार चुनाव : कुचायकोट सीट पर जदयू का दबदबा, रोजगार और विकास प्रमुख मुद्दे

IANS | October 12, 2025 5:58 PM

पटना, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित कुचायकोट विधानसभा सीट गोपालगंज जिले का एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है। गोपालगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस सीट में कुचायकोट और मांझा दो प्रमुख सामुदायिक विकास खंड शामिल हैं।

शालेव की खुदकुशी ने हमास-इजरायल युद्ध के अनदेखे स्याह पन्ने को उजागर किया, ये एक मनोवैज्ञानिक युद्ध है जिसकी कोई सीमा नहीं

IANS | October 12, 2025 3:06 PM

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। गाजा शांति की राह पर चल निकला है। दुनिया वहां पीस चाहती है। ऐसी ही पॉजिटिव न्यूज के बीच एक खबर शनिवार, 11 अक्टूबर, 2025 को आई। एक युवक जिसे बास्केटबॉल से प्यार था, जो हंसता-मुस्कुराता था, अचानक उसके मरने की खबर आई। आकस्मिक मौत का कारण नेचुरल नहीं था बल्कि वजह आत्महत्या थी। इस युवक का नाम था रोई शालेव और इसने मौत को इसलिए गले लगाया क्योंकि ये उस नोवा म्यूजिकल फेस्टिवल की त्रासदी भुला नहीं पा रहा था जिसने इससे जिंदगी का सबसे प्यारा साथी छीन लिया था।

बिहार विधानसभा चुनाव: बेलागंज में स्थायी कब्जे पर जदयू की नजर, क्या गढ़ बना पाएगा राजद

IANS | October 9, 2025 9:48 PM

पटना, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के गया जिले में स्थित बेलागंज विधानसभा क्षेत्र सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह मगध क्षेत्र का हिस्सा है और गया शहर से करीब 25 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में फल्गु नदी के किनारे बसा हुआ है।

बिहार विधानसभा चुनाव: गोपालगंज की ऐतिहासिक विरासत, सामाजिक चेतना और राजनीति का बदलता समीकरण

IANS | October 9, 2025 9:19 PM

पटना, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार का गोपालगंज उन विधानसभाओं में से एक है, जहां इतिहास, संस्कृति और राजनीति का अनोखा संगम है। बताया जाता है कि इस जिले का नाम भगवान श्रीकृष्ण (गोपाल) के नाम पर पड़ा है। यहां के मंदिर, मेले और लोक परंपराएं इसकी सांस्कृतिक पहचान को और गहराई देते हैं। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह इलाका स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजाद भारत के सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों तक हमेशा सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

बिहार विधानसभा चुनाव: बैकुंठपुर में विकास और पलायन के मुद्दे हावी, इस बार किसका होगा कब्जा?

IANS | October 9, 2025 9:04 PM

पटना, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज जिले की बैकुंठपुर विधानसभा सीट बिहार की राजनीति में एक बार फिर सुर्खियों में है। बदलता जनादेश और राजनीतिक उतार-चढ़ाव इस सीट की पहचान है। यह सीट गोपालगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसमें बैकुंठपुर और सिधवलिया प्रखंडों के अलावा बरौली प्रखंड के रामपुर, सलेमपुर पूर्वी, सलेमपुर पश्चिमी, हसनपुर, सादौआ, पिपरा और खजुरिया पंचायत शामिल हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव: लालू के गढ़ बरौली में भाजपा की मजबूत पकड़, क्या राजद करेगा वापसी?

IANS | October 9, 2025 8:56 PM

पटना, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज की बरौली विधानसभा सीट एक बार फिर से सुर्खियों में है। सामान्य वर्ग की यह सीट गोपालगंज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। भौगोलिक रूप से यह सीट गोपालगंज शहर से लगभग 15 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। इसके अंतर्गत बरौली और मांझा प्रखंड के अलावा बैकुंठपुर प्रखंड की कुछ पंचायतें शामिल हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन गोपालगंज और मीरगंज हैं। यह इलाका सड़क और रेल संपर्क से जुड़ा हुआ है।

40 साल पहले रिलीज हुई फिल्म 'आखिर क्यों' ने कैसे फेमिनिज्म को नए कलेवर में किया पेश?

IANS | October 6, 2025 8:09 PM

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। जबरदस्त अभिनेत्री, दमदार संवाद और सशक्त किरदार जो स्मृति में छप जाएं तो फिल्म बिसराई नहीं जाती। और ऐसी ही एक ठीक चालीस साल पहले, 7 अक्टूबर 1985 को रिलीज हुई और छा गई, नाम था 'आखिर क्यों?' ये एक ड्रामा फिल्म नहीं थी बल्कि उस समय की बॉलीवुड फिल्मों में महिला सशक्तिकरण और भावनाओं की नई भाषा पेश करने वाली फिल्म थी। स्मिता पाटिल ने इस फिल्म में जो भूमिका निभाई, वह आर्ट और मुख्यधारा के बीच की लकीर को मिटाती ही नहीं बल्कि एक-दूसरे को समृद्ध भी कर सकती हैं।

7 अक्टूबर: खून और संघर्ष की कहानी, इतिहास के पन्नों पर छपी वो तारीख जिसे दुनिया भूलना चाहती है

IANS | October 6, 2025 7:57 PM

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। 7 अक्टूबर का दिन इतिहास में खूनी संघर्ष और युद्ध के लिए याद रखा गया है। इस दिन कई युगों में ऐसे घटनाक्रम हुए, जिसने न केवल स्थानीय जनता पर असर डाला बल्कि पूरे भूगोल और राजनीति को नया आकार दे दिया।

अल्फ्रेड नोबेल की 'मौत' से जुड़ी है कहानी, कई मानते हैं सच तो कइयो के लिए ये 'अनसुलझी गुत्थी'

IANS | October 6, 2025 3:33 PM

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। 6 से 13 अक्टूबर के बीच हर साल नोबेल पुरस्कार की घोषणा होती है। जो मेडिसिन, लिटरेचर, शांति, फिजिक्स, केमिस्ट्री और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में अद्भुत और मानव समाज के लिए अभूतपूर्व कार्य करने वाले को दिया जाता है। 1901 से ये रिवायत जारी है। इस पुरस्कार के साथ अल्फ्रेड नोबेल का नाम जुड़ा हुआ है, वो शख्स जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया! इस पुरस्कार की नींव कैसे पड़ी, क्यों पड़ी और क्या वो एक अनसुलझी गुत्थी है?

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ 2025: एंजेलिना जोली इफेक्ट के साथ ‘हर यात्रा मायने रखती है’

IANS | October 2, 2025 5:23 PM

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। 2013 में हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जोली ने दुनिया को एक बड़े फैसले से सबको चौंका दिया। उनकी मां (मार्शलीन बर्ट्रेंड) की मृत्यु ओवरी कैंसर से हुई थी। जोली ने टेस्ट कराया और पाया कि उनमें बीआरसीए1 जीन म्यूटेशन है, जो उनके ब्रेस्ट कैंसर के चांस को 87 फीसदी तक बढ़ा रहा था। एंजेलिना ने प्रिवेंटिव डबल मास्टेक्टॉमी (दोनों स्तनों को सर्जरी से हटवाना) करवा लिया।