नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 का लागू होना सरकार की टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है : सीआईआई

नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 का लागू होना सरकार की टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है : सीआईआई

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। सीआईआई ने गुरुवार को कहा कि नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 का लागू होना सरकार की टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है और इससे संरचनात्मक स्पष्टता आएगी।

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि सीआईआई नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के कार्यान्वयन का स्वागत करता है, जो भारत के प्रत्यक्ष कर ढांचे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह नया कानून कर प्रणाली को सरल बनाने, संरचनात्मक स्पष्टता में सुधार करने और अधिक पारदर्शी एवं पूर्वानुमानित कर वातावरण बनाने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है जो निवेश, विकास और व्यापार करने में आसानी का समर्थन करता है।

यह एक्ट आयकर कानून को युक्तिसंगत बनाने और पुनर्गठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य जटिलता को कम करना और करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाना है। प्रावधानों को सरल बनाकर और अधिक आधुनिक विधायी संरचना को अपनाकर, इस नए ढांचे से उद्योग और निवेशकों के लिए निश्चितता बढ़ने के साथ-साथ कर प्रशासन की दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है।

सीआईआई ने इनकम टैक्स एक्ट 2025 के कार्यान्वयन से संबंधित मसौदा नियमों, प्रपत्रों और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के समय पर जारी होने का स्वागत किया। इन कार्यान्वयन दस्तावेजों के समय पर जारी होने से करदाताओं को अधिक स्पष्टता मिलेगी और नए ढांचे में सुचारू रूप से परिवर्तन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

बनर्जी ने आगे कहा कि उद्योग जगत ने जीएएआर की व्यावहारिकता पर सरकार द्वारा दी गई स्पष्टता का भी स्वागत किया है, विशेष रूप से 1 अप्रैल 2017 से पहले किए गए लेन-देन को छूट देने के संबंध में। यह स्पष्टीकरण करदाताओं और निवेशकों को विरासत में मिले लेन-देन के संबंध में अनिश्चितता को दूर करके महत्वपूर्ण आश्वासन प्रदान करता है, साथ ही आक्रामक कर चोरी से निपटने में कर प्रणाली की अखंडता को भी बनाए रखता है।

--आईएएनएस

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