मुंबई, 14 जून (आईएएनएस)। स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे से जुड़ा विवाद अब बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स और अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद वीडियो कंटेंट की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
महाराष्ट्र गृह विभाग ने इस जांच की जिम्मेदारी महाराष्ट्र साइबर पुलिस को सौंपी है। साइबर पुलिस अब प्रणित मोरे के सोशल मीडिया अकाउंट्स, ऑनलाइन वीडियो, अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शोज की रिकॉर्डिंग और वायरल क्लिप्स की जांच करेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि क्या किसी वीडियो में ऐसी बातें कही गई हैं जो कानून का उल्लंघन करती हैं या किसी वर्ग, व्यक्ति अथवा महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं।
दरअसल, यह विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए शो के एक वीडियो से शुरू हुआ। वीडियो में प्रणित मोरे ऑडियंस में बैठे एक शख्स हिमांशु जांगड़ा से बात करते हैं। बातचीत के दौरान जांगड़ा अपना डेटिंग अनुभव बताते हैं कि उन्होंने एक महिला को 370 रुपए की चिकन बिरयानी खिलाई थी और इसलिए वह वसूली करना चाहता था।
इस कमेंट पर शो के दौरान प्रणित मोरे ने हंसते हुए इसे 'पीक गुरुग्राम कंटेंट' बताया। शो का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
जब विवाद बढ़ा तो प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' वाले वीडियो को लेकर माफी मांगी। उन्होंने शनिवार को इंस्टाग्राम पर अपना वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से इस मुद्दे पर बात करना चाहते थे, लेकिन उनका इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड था।
उन्होंने कहा, "370 रुपए की बिरयानी वाले वीडियो के बाद मुझसे लोग काफी नफरत कर रहे थे। मैं इसका हकदार हूं। शो के दौरान एक व्यक्ति ने कई आपत्तिजनक बातें कही थीं। लोग हंस रहे थे, जिससे मैं भी माहौल में बह गया और सही फैसला नहीं ले पाया। मैं चाहता तो उस व्यक्ति को तभी रोक सकता था, लेकिन ऐसा न करके मैंने उसे एक प्लेटफॉर्म दिया, जिससे मामला और बढ़ गया। इससे जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, मैं उन सबसे माफी मांगता हूं। मैं मामले में चल रही लीगल प्रोसीडिंग में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहा हूं। मैं आप सभी से बस यही रिक्वेस्ट करता हूं कि मुझे एक और मौका दें, मैं बेहतर इंसान बन कर दिखाऊंगा।"
--आईएएनएस
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