विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस : चुप्पी तोड़ने और उम्मीद जगाने का दिन

IANS | September 9, 2025 3:27 PM

नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। अगर आपको इस आर्टिकल को पढ़ने में पांच मिनट लगते हैं, तो इस दौरान दुनियाभर में कम से कम सात लोगों ने आत्महत्या जैसे रास्ते को चुन लिया होगा। यह हम नहीं कह रहे हैं। आत्महत्या जोखिम से जुड़े एक वैश्विक आकलन के मुताबिक, हर 43 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है, और यह सबसे अधिक संभावना है कि वह पुरुष हो।

नर्वस सिस्टम 24/7 इनपुट के लिए नहीं बना, 'डिजिटल सनसेट' भी जरूरी! ये है क्या?

IANS | September 8, 2025 8:25 PM

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। नर्वस सिस्टम 24/7 इनपुट के लिए नहीं बना है, थोड़ा मानसिक और शारीरिक सुकून भी आवश्यक है। सबसे सहज और बेहद सरल औषधि क्या हो सकती है? तो इसका उपाय भी आपके पास है। थोड़ी देर का स्विच ऑफ फायदेमंद साबित हो सकता है। डिजिटल सनसेट ब्रह्मास्त्र की तरह काम कर सकता है।

ये दिल मांगे मोर: करगिल के 'शेरशाह' कैप्टन विक्रम बत्रा की अमर गाथा

IANS | September 8, 2025 5:39 PM

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। कुछ वीर ऐसे होते हैं, जिनकी कहानियां किताबों में दर्ज होने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के दिलों में ज्वाला बनकर जलती हैं। 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में जन्मे कैप्टन विक्रम बत्रा उन्हीं में से एक हैं। करगिल युद्ध का यह 'शेर' आज भी अपने अदम्य साहस, जोशीले हौसले और अटूट जज़्बे से देश को प्रेरित करता है।

चैटजीपीटी और गूगल से पहले भी था ज्ञान-स्रोत, जानिए 'आप्तदेश' के रहस्य!

IANS | September 7, 2025 4:47 PM

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों साल पहले जब न तो लैब थे, न टेस्ट रिपोर्ट, तब वैद्यों को इतनी गहराई से कैसे पता चलता था कि कौन-सी जड़ी-बूटी किस बीमारी में काम आएगी? तो इसका उत्तर "आप्तदेश" है।

गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम की अधिक मात्रा 'चाइल्डहुड डिप्रेशन रिस्क' को कम करती है: अध्ययन

IANS | September 7, 2025 3:03 PM

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। एक जापानी शोध दल ने पाया है कि गर्भावस्था के दौरान ज्यादा कैल्शियम इनटेक, चाइल्डहुड डिप्रेशन रिस्क (बच्चों में अवसाद के लक्षणों का जोखिम) को कम करता है।

दुनिया का शोर कर रहा तंग, 'साउंड हीलिंग' से सुनें भीतर की आवाज, तनाव-मुक्त होंगे आप

IANS | September 6, 2025 3:05 PM

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। सब दिन होत न एक समान, अक्सर अपने बड़ों को हमने ये कहते सुना है। सही भी है, जिंदगी के कुछ पल ऐसे आते हैं जब सब कुछ धुंधला लगने लगता है। आसपास लोग होते हैं, लेकिन भीतर सन्नाटा गूंजता है। न कोई शब्द काम आता है, न कोई सलाह। बस मन थक चुका होता है, और ऐसे में ही 'साउंड हीलिंग' एक वरदान बनकर उभरता है।

बर्थडे स्पेशल: 'काकाबाबू' के जासूसी किरदार से भरा रोमांच, पहला उपन्यास लिखकर डर गए थे सुनील गंगोपाध्याय

IANS | September 6, 2025 3:02 PM

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। बंगाली साहित्य के सबसे प्रसिद्ध और बहुआयामी लेखकों में से एक, सुनील गंगोपाध्याय ने बंगाली साहित्य की दुनिया में बतौर कवि प्रवेश किया था। 1953 में उन्होंने कृत्तिबास नाम की पत्रिका की शुरुआत की, जो बाद में युवा कवियों के लिए एक मंच बन गई। इसके बाद 1965 में उन्होंने पहला उपन्यास 'आत्मप्रकाश' लिखा, लेकिन कवि से उपन्यासकार बनने का अनुभव उनके लिए डरावना था।

उम्र के साथ नाश्ते में देरी हो सकती है स्वास्थ्य के लिए हानिकारक: अध्ययन

IANS | September 6, 2025 1:18 PM

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। क्या आपके घर में माता-पिता या दादा-दादी सुबह देर से नाश्ता करते हैं? अगर हां, तो अब थोड़ा सतर्क हो जाने की जरूरत है। अमेरिका के मास जनरल बर्मिंघम के एक नए अध्ययन में ये सामने आया है कि उम्र बढ़ने के साथ देर से नाश्ता करने की आदत कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म दे सकती है।

हिजबुल से द रेजिस्टेंस फ्रंट तक, पाकिस्तान के लोकल टेररिस्ट नैरेटिव की खुली पोल

IANS | September 5, 2025 2:29 PM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर मुद्दे को स्थानीय बनाने की कोशिश करता रहा है। पाकिस्तान ने हिजबुल मुजाहिदीन को एक स्थानीय आतंकवादी संगठन के इरादे से बनाया था। हिजबुल मुजाहिदीन के पतन के बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा के लिए एक प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) बनाया।

धर्मवीर भारती ने हिंदी साहित्य में छोड़ी अमिट छाप, आज भी प्रकाशित है उनकी रचनाओं की मशाल

IANS | September 3, 2025 8:59 PM

नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के जगत में अगर किसी नाम को अलग पहचान के लिए याद किया जाता है, तो वह हैं धर्मवीर भारती, जिन्होंने हिंदी साहित्य को नई दिशा दिखाई। 25 सितंबर 1926 को इलाहाबाद में जन्मे धर्मवीर भारती ने छात्र जीवन से ही लेखन और पत्रकारिता को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया था। इलाहाबाद में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे अध्यापन और साहित्य-सृजन के साथ-साथ ‘परिमल’ संस्था से सक्रिय रूप से जुड़े रहे।