हिंदवी स्वराज्य की जननी राजमाता जीजाबाई: शिवाजी की असल प्रेरणा; राज्याभिषेक के 11 दिन बाद निधन

IANS | June 16, 2026 10:28 AM

नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। 1674 का वर्ष मराठा इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। 6 जून 1674 को रायगढ़ किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ। हिंदवी स्वराज्य की स्थापना का यह ऐतिहासिक क्षण था, जिसकी नींव रखने वाली महान महिला राजमाता जीजाबाई थीं। शाहजी भोंसले की पत्नी और शिवाजी की माता जीजाबाई ने न केवल अपने पुत्र को योद्धा बनाया, बल्कि स्वाधीनता की ज्वाला उनके हृदय में प्रज्वलित की। दुर्भाग्य से, राज्याभिषेक के मात्र 11 दिन बाद 17 जून 1674 को पाचड़ गांव में उनका देहांत हो गया। उनकी मृत्यु स्वराज्य की विजय के तुरंत बाद हुई, मानो उन्होंने अपना अंतिम कर्तव्य पूरा कर लिया हो।

ध्रुपद धमार की परंपरा खत्म हो चुकी... जब जिया फरीदुद्दीन डागर ने जताई थी चिंता

IANS | June 14, 2026 3:53 PM

नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत की सबसे प्राचीन गायन शैलियों में शामिल ध्रुपद को आज जिस सम्मान और पहचान के साथ देखा जाता है, उसके पीछे कुछ महान कलाकारों की आजीवन साधना छिपी हुई है। इनमें उस्ताद जिया फरीदुद्दीन डागर का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जाता है।

प्रेम धवन और खराब गाड़ी का किस्सा : जब सुरैया की 'देरी' बनी सुपरहिट गीत की प्रेरणा

IANS | June 12, 2026 5:33 PM

मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा जगत के कुछ सितारे ऐसे रहे, जो लंबा समय गुजर जाने के बाद भी अपनी कलाकारी के जरिए दर्शकों के दिलों में रहे। ऐसे ही कालाकार थे प्रेम धवन... जो बहुमुखी प्रतिभा के धनी माने जाते थे। उन्होंने संगीत जगत, देशभक्ति गीतों और कोरियोग्राफी के क्षेत्र में शानदार छाप छोड़ी। प्रेम धवन केवल एक गीतकार ही नहीं, बल्कि संगीतकार और कोरियोग्राफर भी थे, जिन्होंने अपने काम से भारतीय फिल्म जगत को नई दिशा दी।

11 से 15 जून ही नहीं, पूरे महीने दिखेगा आसमान में अद्भुत 'प्लैनेट परेड', जानें क्या है ‘एक्लिप्टिक’

IANS | June 11, 2026 9:04 PM

नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। जून का महीना इस बार खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास है। ग्रहों की 'प्लैनेट परेड' सिर्फ 11 से 15 जून के बीच ही नहीं बल्कि इस पूरे महीने दिखेगा। जून के महीने में आसमान में कई रोचक खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी, जो ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से भी खास है।

गिरीश कर्नाड : 'महाभारत' से मिली प्रेरणा तो रचा 'ययाति', अतीत की कहानियों में खोजे वर्तमान के सवाल

IANS | June 9, 2026 11:25 PM

मुंबई, 9 जून (आईएएनएस)। भारतीय रंगमंच, साहित्य और सिनेमा जगत के बहुमुखी प्रतिभा के धनी गिरीश कर्नाड उन चुनिंदा रचनाकारों में थे, जिन्होंने भारतीय इतिहास, पुराण और लोककथाओं को आधुनिक समाज के सवालों से जोड़कर नई पहचान दी।

ऑक्सफोर्ड में आचार्य प्रशांत, बताएंगे 'आत्म-ज्ञान' और 'स्व-शिक्षा' का महत्व (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

IANS | June 9, 2026 4:04 PM

लंदन, 9 जून (आईएएनएस)। काठमांडू में कलिंगा लिटरेरी अवॉर्ड 2026 प्राप्त करने के बाद आचार्य प्रशांत ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में वेदांत और भारतीय दर्शन पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। आईएएनएस न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के उपनिषदों का संदेश केवल सांस्कृतिक गौरव का विषय नहीं है, बल्कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है।

जब 'लग जा गले' सुनकर मदन मोहन से नाराज हो गए राज खोसला, मनोज कुमार ने बनाई थी बिगड़ी बात

IANS | June 8, 2026 7:33 PM

मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। 'वो कौन थी' फिल्म का 'लग जा गले' हिंदी सिनेमा के इतिहास का एक ऐसा गीत है, जिसका जादू दशकों बाद भी बरकरार है। आज यह भारतीय फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था, जब फिल्म के निर्माता राज खोसला को यह धुन बिल्कुल पसंद नहीं आई थी।

वी. शांताराम ने सबसे पहले पहचानी थी प्रतिभा, हारमोनियम की धुनों संग शुरू हुआ वसंत देसाई का सफर

IANS | June 8, 2026 4:10 PM

मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा के महान संगीतकारों में गिने जाने वाले वसंत देसाई का जीवन संघर्ष, प्रतिभा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। एक समय ऐसा था जब वह दिनभर फिल्म कंपनी में सामान्य काम किया करते थे और रात में अपने शौक के लिए हारमोनियम बजाते थे लेकिन उनकी यही लगन एक दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन गई। उनकी धुनों से प्रभावित होकर फिल्म निर्माता-निर्देशक वी. शांताराम ने उन्हें संगीत विभाग में काम करने का मौका दिया और यहीं से उनके शानदार संगीत सफर की शुरुआत हुई।

जब प्रशंसक की हरकत से घबरा गई थीं अनुष्का शंकर, सुनाया था 'असहजता' का किस्सा

IANS | June 8, 2026 3:19 PM

मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। मशहूर सितार वादक अनुष्का शंकर के प्रशंसकों की लिस्ट काफी लंबी है। हालांकि, कभी-कभी यही प्रशंसक मुसीबत की वजह भी बन जाते हैं। अपनी कला के साथ-साथ बेबाक विचारों के लिए भी पहचाने जाने वाली अनुष्का ने फैन से जुड़ा एक किस्सा सुनाया था, जिसकी वजह से वह काफी घबरा गई थीं।

वायु प्रदूषण से याददाश्त होती है कमजोर, 10 साल की उम्र बढ़ने जितना नुकसान: स्टडी में खुलासा

IANS | June 7, 2026 5:45 PM

नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। वायु प्रदूषण का असर हमारे दिल पर ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी पड़ता है। ऐसा कि याददाश्त कमजोर हो सकती है और सोचने-समझने की क्षमता भी घट जाती है। एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से इंसान की याददाश्त और कॉग्निटिव क्षमताओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इसका असर लगभग 10 वर्ष की प्राकृतिक उम्र बढ़ने के बराबर हो सकता है।