ख्वाजा अहमद अब्बास को पहली ही नजर में भा गए थे अमिताभ बच्चन, ऐसे दिया था इंडस्ट्री में ब्रेक

IANS | May 31, 2026 6:02 PM

मुंबई, 31 मई (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में सामाजिक-यथार्थवादी फिल्म निर्माता-निर्देशक, लेखक और पत्रकार ख्वाजा अहमद अब्बास का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाता है। अपनी अलग पहचान बनाने वाले अब्बास को भारतीय समानांतर सिनेमा के अग्रदूतों में से एक माना जाता है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह भी रही कि उन्होंने फिल्म जगत को अमिताभ बच्चन जैसा नायक दिया।

महबूब खान के पास बेमन से स्क्रीन टेस्ट को गई थीं नरगिस, एक्टिंग नहीं, इस प्रोफेशन में बनाना चाहती थीं करियर

IANS | May 31, 2026 4:26 PM

मुंबई, 31 मई (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा की स्वर्ण युग की अभिनेत्रियों का नाम लिया जाए तो नरगिस का जिक्र होना लाजमी है। नरगिस का नाम लेते ही सबसे पहले ‘मदर इंडिया’ वाली राधा का किरदार याद आता है। हालांकि कम ही लोग जानते हैं कि नरगिस अभिनेत्री बनना कभी चाहती ही नहीं थीं। उनका सपना किसी और क्षेत्र में करियर बनाने का था। हालांकि, मां के सपने को पूरा करने के लिए उन्हें अभिनय की दुनिया में कदम रखना पड़ा।

बुद्धिमान, मिलनसार और इकोसिस्टम के मददगार रंग-बिरंगे तोते, जानें 'मिट्ठू' से जुड़े मजेदार तथ्य

IANS | May 31, 2026 2:22 PM

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। दुनियाभर में आज (31 मई) के दिन बुद्धिमान, मिलनसार और इकोसिस्टम के मददगार रंग-बिरंगे तोते का जश्न विश्व तोता दिवस के रूप में मनाया जाता है। तोते सिर्फ सुंदर और बोलने वाले पक्षी नहीं हैं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। आज हम बात करेंगे भारत में आमतौर पर देखे जाने वाले तीन खास तोतों की रोज-रिंग्ड तोता, एलेक्जेंड्रिन तोता और प्लम-हेडेड पैरेट।

दुनिया में घट रहा तंबाकू सेवन, लेकिन किशोरों में वेपिंग बनी नई चुनौती

IANS | May 31, 2026 12:39 PM

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। इस दौर में स्मोकिंग से ज्यादा वेपिंग एक चुनौती के तौर पर उभर रही है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर डब्ल्यूएचओ ने ऐसी तस्वीर पेश की जो भयावह है। बताया है कि कैसे युवा तंबाकू से दूरी बना रहे हैं, लेकिन वहीं किशोर इसके मकड़जाल में फंसते जा रहे हैं। '2000–2024 के बीच तंबाकू उपयोग की व्यापकता के रुझानों और 2025–2030 के अनुमानों पर वैश्विक रिपोर्ट' पिछले दो वर्षों पहले प्रकाशित संस्करण का एक अपडेट है। ये हाल ही में जारी 'डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट ऑन द ग्लोबल टोबैको एपिडेमिक, 2025/ का एक महत्वपूर्ण पूरक भी है।

राज खोसला की फिल्म से टूटी आशा पारेख के ‘ग्लैमर गर्ल’ की छवि, आलोचकों को बदलनी पड़ी थी राय

IANS | May 31, 2026 11:19 AM

मुंबई, 31 मई (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा जगत में कई ऐसे निर्देशक हुए हैं जिन्होंने कई सितारों को फर्श से अर्श तक पहुंचाया और कई कलाकारों की स्थापित छवि भी बदल दी। ऐसे ही निर्देशक थे राज खोसला, जिन्होंने अपने लंबे करियर में सस्पेंस, सामाजिक, एक्शन और पारिवारिक फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों पर खास छाप छोड़ी। उनकी उपलब्धियों की सूची काफी लंबी है, लेकिन अभिनेत्री आशा पारेख के करियर को नई पहचान देने वाला उनका योगदान आज भी विशेष रूप से याद किया जाता है।

जब मनोज कुमार के कहने पर राज खोसला ने दोबारा सुनी थी 'लग जा गले', सुनते ही बोले-मेरा जूता कहां है?

IANS | May 30, 2026 9:26 PM

मुंबई, 30 मई (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में कुछ गाने ऐसे हैं, जो समय की सीमाओं को पार कर पीढ़ियों तक लोगों के दिलों में बसे रहते हैं। 'लग जा गले' ऐसा ही एक गीत है। यह हिंदी फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय और सदाबहार गीतों में गिना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब फिल्म के निर्देशक राज खोसला को यह गाना पहली बार सुनने पर पसंद नहीं आया था। अगर अभिनेता मनोज कुमार ने उस समय पहल नहीं की होती, तो शायद यह गीत इतिहास का हिस्सा न बन पाता।

यादों में केके : गम में मजा ढूंढती आवाज, आज भी मानो कह रही हो 'याद आएंगे ये पल...'

IANS | May 30, 2026 7:32 PM

नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। 'हम रहें या न रहें कल, कल याद आएंगे ये पल...' ये केके के गाने की सिर्फ लाइन नहीं हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का हिस्सा है। जब भी यह गाना कहीं बजता है, तो लोगों के दिलों को छू जाता है। उनकी आवाज में न दिखावा था, न शोर, लेकिन एक ऐसा जादू था जो सीधे दिल में उतर जाता था। 31 मई 2022 को जब केके ने दुनिया को अलविदा कहा, तब फैंस को उनकी ही गाई ये लाइनें याद आईं।

यादों में वनराज भाटिया : सिनेमा जगत को लीक से हटकर संगीत देने वाले संगीतकार, विज्ञापन में भी छोड़ी खास छाप

IANS | May 30, 2026 4:40 PM

मुंबई, 30 मई (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने लोकप्रियता की दौड़ से अलग रहकर अपने काम के दम पर एक ऐसी पहचान बनाई जो कभी पुरानी नहीं हो सकती। ऐसे ही विरले संगीतकारों में वनराज भाटिया का नाम लिया जाता है। उन्होंने भारतीय समानांतर सिनेमा को अपनी धुनों से एक अलग संवेदनशीलता और गहराई दी। फिल्मों, टेलीविजन धारावाहिकों और विज्ञापनों के लिए तैयार किए गए उनके संगीत ने उन्हें भारतीय संगीत जगत का खास बना दिया।

30 मई 1826 : जब ‘उदन्त मार्तण्ड’ के रूप में हिंदी को मिली आवाज, जानें कैसे शुरू हुई थी हिंदी पत्रकारिता

IANS | May 29, 2026 10:59 PM

नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। पत्रकारिता एक ऐसा शब्द, जो समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति को भी आगे बढ़ने, लड़ने की ताकत या हौसला दे सकता है। हर साल 30 मई को देशभर में ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1826 में हिंदी का पहला समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ प्रकाशित हुआ था।

जब लेखक के नाम पर चलती थीं फिल्में: पोस्टर्स पर लिखा होता था 'पंडित मुखराम शर्मा की फिल्म'

IANS | May 29, 2026 10:38 PM

मुंबई, 29 मई (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा में आज अभिनेता और निर्देशक सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं, लेकिन लेखक भी इसका एक मजबूत स्तम्भ होता है। एक दौर ऐसा भी था जब फिल्मों की सफलता का सबसे बड़ा आधार उनके लेखक हुए करते थे। उस दौर में एक नाम ऐसा था, जिसकी मौजूदगी ही फिल्म के सफल होने की गारंटी मानी जाती थी। यह नाम था पंडित मुखराम शर्मा का।