धारा के विपरीत चलने वाले राम जेठमलानी, विवादित रहे पर वकालत में जो किया वो नजीर

IANS | September 8, 2024 4:06 PM

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। राम बूलचंद जेठमलानी एक ऐसी शख्सियत का नाम जो अपनी बेबाकी, बिंदास और बेलौस अंदाज के लिए पहचाना गया। जब इस दुनिया में थे तब भी और जब 8 सितंबर 2019 को चले गए तब भी। भारत के ऐसे कद्दावर वकील जिन्होंने केस ऐसे लड़े जिसे छूने से भी लोग गुरेज करते थे। बहुचर्चित नानावटी से लेकर इंदिरा गांधी के हत्यारों का केस या फिर हर्षद मेहता केस सबमें जेठमलानी ने अपनी दलीलों का लोहा मनवाया। एक रुपए की फीस से शुरू किया करियर कथित तौर पर करोड़ों तक पहुंचा।

विश्व साक्षरता दिवस : सनातन ने सबसे पहले जाना 'शिक्षा का मर्म', फिर दुनिया ने पहचाना

IANS | September 8, 2024 3:04 PM

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। विद्या एक ऐसी पूंजी है, जो जितनी ज्यादा बांटी जाए, उतनी ही बढ़ती है। कहा भी जाता है, "विद्या ददाति विनयं, विनयाद याति पात्रताम्। पात्रत्वात् धनम् आप्नोति, धनाद धर्मं ततः सुखम्॥"

दाढ़ी रखना आम बात नहीं, जानें सितंबर महीने के पहले शनिवार से जुड़ा हुआ रोचक इतिहास

IANS | September 7, 2024 9:02 AM

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। दाढ़ी रखना आज के दौर में युवाओं का शौक बन गया है। हर लड़के अपने बियर्ड (दाढ़ी) को लेकर काफी अपडेटेड हैं और नया नया ट्रेंड भी फॉलो करते हैं।

स्मृति शेष शरत : 'नेताजी' के 'द ग्रेट एस्केप' के सूत्रधार, नहीं रोक सके बंटवारा

IANS | September 6, 2024 8:17 AM

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय इतिहास में कई ऐसे लोग हुए, जिनका जीवन हमारे लिए प्रेरणादायक रहा है। कई ऐसे नाम हैं, जो हर दिन गौरव के साथ लिए जाते हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई ऐसे चेहरे सामने आए, जो आज भी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं में से एक नाम है शरत चंद्र बोस। 6 सितंबर 1889 को पैदा हुए शरत जी स्वतंत्रता सेनानी और बैरिस्टर थे। वह 'नेताजी' सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई थे। आज उनकी जयंती है। इस कारण उनका जिक्र करना बेहद खास है।

सुपरपावर बनने के लिए पूर्ण साक्षरता, शून्य गरीबी हासिल करना सबसे बड़ी चुनौती : गौतम अदाणी

IANS | September 5, 2024 9:07 PM

मुंबई, 5 सितंबर (आईएएनएस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को कहा कि ऐसे समय में जब भारत सुपरपावर बनने के सपने संजो रहा है, हमें इस बड़ी छलांग में देश की मदद के लिए अंतिम चुनौतियों - पूर्ण साक्षरता और शून्य गरीबी - से पार पाने पर ध्यान देना चाहिए।

10 लाख से अधिक बाशिंदों की गरिमा बहाल करने का मिशन है धारावी परियोजना : गौतम अदाणी

IANS | September 5, 2024 8:33 PM

मुंबई, 5 सितंबर (आईएएनएस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को यहां कहा कि धारावी महज एक पुनर्विकास परियोजना नहीं है, बल्कि यहां के 10 लाख से अधिक बाशिंदों की गरिमा बहाल करने और उन्हें सस्टेनेबल जीवन का अद्वितीय इकोसिस्टम प्रदान करने का एक मिशन है।

चिकित्सक जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में उम्मीद का चिराग बुझने नहीं दिया , डॉ केके अग्रवाल और डेंटिस्ट अमृत तिवारी को याद करने का दिन आज

IANS | September 5, 2024 3:39 PM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। कोविड ने दुनिया को परेशान कर रखा था। लोग बदहवास थे। अफरातफरी का माहौल था, लोग घरों में महीनों कैद रहने को मजबूर हो गए। ऐसे विकट समय में ही डॉ केके अग्रवाल लाखों का हाथ थामा। उनकी उंगली पकड़ी और कहा 'शो मस्ट गो ऑन'।

'हीरोइन ऑफ हाईजैक' : बर्थडे से दो दिन पहले गंवाई जान, आतंकियों से बचाई थी 360 यात्रियों की जान

IANS | September 5, 2024 1:39 PM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। नीरजा भनोट एक सक्सेसफुल मॉडल और एयरहोस्टेज थीं। 5 सितंबर 1986 में हुए प्लेन हाईजैक में उन्होंने बहादुरी का परिचय देते हुए 300 से ज्यादा लोगों की जान बचाई थी।

16 साल में शादी, 21 साल में लेक्चरर, डॉ. राधाकृष्णन की अनोखी कहानी

IANS | September 5, 2024 12:24 PM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। एक ऐसी शख्सियत जिन्होंने 16 साल में शादी के बंधन में बंधकर समाज के नियमों को माना तो 21 साल की उम्र में लेक्चरर बनकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। ये शख्स हैं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, उनकी जिंदगी की यह दिलचस्प दास्तान आपको हैरान कर देगी।

पुण्यतिथि विशेष: मानव सेवा आसान नहीं और मदर टेरेसा ने इसी मार्ग को चुना

IANS | September 5, 2024 12:00 PM

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। 'प्यार की भूख रोटी की भूख से कहीं बड़ी है' ऐसा मानती थीं लाखों करोड़ों जरूरतमंदों की मदर टेरेसा। जिन्होंने पूरी जिंदगी हाशिए पर जीवन बसर कर रहे लोगों के लिए गुजार दी। उनका यह विश्वास था कि सच्ची सेवा तभी संभव है जब हम पूरी लगन और समर्पण के साथ काम करें। 'सेवा का कार्य एक कठिन कार्य है,' वाले सिद्धांत पर यकीन रखती थीं और उनकी कार्यशैली में भी यही परिलक्षित होता रहा।